देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के तहत करोड़ों परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। अगर आपके पास अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बना है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अब घर बैठे ऑनलाइन आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया जा सकता है और बिना किसी परेशानी के कार्ड बनवाया जा सकता है। गंभीर बीमारी में लाखों रुपये के इलाज की चिंता से मुक्ति दिलाने वाली इस योजना की पूरी जानकारी जानना बेहद जरूरी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आयुष्मान कार्ड क्या है, कौन बनवा सकता है और ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें।
आयुष्मान भारत योजना क्या है
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। यह रकम प्रति परिवार है न कि प्रति व्यक्ति। यानी पूरे परिवार के सभी सदस्य मिलकर साल भर में 5 लाख रुपये तक का इलाज फ्री में करवा सकते हैं। इस योजना में 1350 से ज्यादा बीमारियों का इलाज कवर होता है जिसमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी, डायलिसिस, सर्जरी सब कुछ शामिल है।
किन परिवारों को मिलेगा आयुष्मान कार्ड
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सबसे जरूरी है कि आपका परिवार पात्र होना चाहिए। यह योजना मुख्य रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए है। 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना के आधार पर पात्रता तय की गई है। जिन परिवारों में कच्चा मकान है, कोई वयस्क सदस्य 16 से 59 साल की उम्र का नहीं है, महिला मुखिया है, दिव्यांग सदस्य है, भूमिहीन मजदूर हैं, अनुसूचित जाति-जनजाति के हैं, ऐसे परिवार इस योजना के लिए पात्र हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की पात्रता शर्तें
गांवों में रहने वाले परिवारों के लिए कुछ खास मापदंड बनाए गए हैं। अगर आपके परिवार में केवल एक कमरा है और दीवार या छत कच्ची है, परिवार में कोई स्वस्थ वयस्क सदस्य नहीं है, घर में महिला मुखिया है और कोई वयस्क पुरुष नहीं है, कोई दिव्यांग सदस्य है और कोई सक्षम सदस्य नहीं है, अनुसूचित जाति-जनजाति से हैं, भूमिहीन परिवार हैं और मजदूरी से जीवन चलता है तो आप पक्के तौर पर पात्र हैं।
शहरी क्षेत्र के लिए पात्रता
शहरों में रहने वाले परिवारों के लिए अलग मापदंड हैं। घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले, मजदूर, प्लंबर, राजमिस्त्री, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कुली, रिक्शा चालक, सफाई कर्मचारी, धोबी, चपरासी जैसे काम करने वाले परिवार इस योजना के पात्र हैं। अगर आप इनमें से किसी भी कैटेगरी में आते हैं तो आयुष्मान कार्ड जरूर बनवाएं।
नए नियम से और परिवार भी पात्र
हाल ही में सरकार ने आयुष्मान योजना को और विस्तृत किया है। अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर्स और उनके परिवार भी इस योजना के पात्र हैं। कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर भी पात्रता की सीमा बढ़ाई है। दिल्ली, बंगाल और कुछ अन्य राज्यों में सभी राशन कार्ड धारकों को भी आयुष्मान कार्ड मिल रहा है। अपने राज्य के नियम जरूर चेक करें।
ऑनलाइन पात्रता कैसे चेक करें
आयुष्मान कार्ड बनवाने से पहले यह जानना जरूरी है कि आप पात्र हैं या नहीं। इसके लिए सबसे पहले आयुष्मान भारत की आधिकारिक वेबसाइट pmjay.gov.in पर जाएं। होम पेज पर AM I Eligible का ऑप्शन दिखेगा, उस पर क्लिक करें। वहां अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP से वेरीफाई करें। फिर अपना राज्य चुनें और राशन कार्ड नंबर या मोबाइल नंबर या नाम से सर्च करें। अगर आपका नाम लिस्ट में है तो आप पात्र हैं।
ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया
अगर आप पात्र हैं तो ऑनलाइन आवेदन बहुत आसान है। सबसे पहले Ayushman Setu App डाउनलोड करें या pmjay.gov.in वेबसाइट पर जाएं। अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करें और OTP से वेरीफाई करें। फिर अपनी सारी जरूरी डिटेल्स भरें जैसे नाम, पता, आधार नंबर, राशन कार्ड नंबर। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें जिसमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो शामिल हैं। सबमिट करने के बाद एक रेफरेंस नंबर मिलेगा। उससे आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
जन सेवा केंद्र से भी बनवा सकते हैं
अगर आपको ऑनलाइन आवेदन में परेशानी हो रही है तो अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र जाएं। वहां CSC ऑपरेटर आपका कार्ड बनवाने में मदद करेगा। अपने साथ सभी जरूरी दस्तावेज ले जाएं। ऑपरेटर सारी डिटेल्स भरेगा, फोटो खींचेगा और फिंगरप्रिंट लेगा। कुछ ही दिनों में आपका आयुष्मान कार्ड तैयार हो जाएगा। CSC पर थोड़ा सा शुल्क लग सकता है जो 30 से 50 रुपये के बीच होता है।
आवश्यक दस्तावेज की पूरी लिस्ट
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज चाहिए। सबसे जरूरी है आधार कार्ड जो परिवार के सभी सदस्यों का होना चाहिए। राशन कार्ड भी जरूरी है। पते के प्रमाण के लिए बिजली बिल, पानी का बिल या बैंक पासबुक। मोबाइल नंबर जरूर होना चाहिए जो आधार से लिंक हो। परिवार के सभी सदस्यों की पासपोर्ट साइज फोटो। अगर आप किसी विशेष कैटेगरी में आते हैं तो उससे संबंधित प्रमाण पत्र भी रखें।
कार्ड बनने में कितना समय लगता है
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आमतौर पर 10 से 15 दिन में आयुष्मान कार्ड बन जाता है। सबसे पहले आपका आवेदन वेरीफाई किया जाता है। फिर आपके दस्तावेजों की जांच होती है। सब कुछ सही पाए जाने पर कार्ड अप्रूव हो जाता है। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS आ जाता है। फिर आप अपना कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं या नजदीकी जन सेवा केंद्र से प्रिंटेड कॉपी ले सकते हैं।
आयुष्मान कार्ड में क्या-क्या मिलता है
आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद आप देशभर के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में कैशलेस इलाज करवा सकते हैं। 5 लाख रुपये तक की किसी भी बीमारी का इलाज बिल्कुल फ्री। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक सब कुछ मुफ्त। दवाइयां, जांच, ऑपरेशन, ICU, डॉक्टर फीस, खाना सब कुछ। सबसे बड़ी बात यह है कि पहले से चल रही बीमारी भी कवर होती है। कोई वेटिंग पीरियड नहीं है। कार्ड बनते ही इलाज शुरू हो सकता है।
कौन-कौन सी बीमारियां कवर होती हैं
आयुष्मान योजना में लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है। कैंसर के सभी प्रकार और उनका पूरा इलाज। दिल की बीमारी, बाईपास सर्जरी, एंजियोप्लास्टी। किडनी की बीमारी, डायलिसिस, किडनी ट्रांसप्लांट। लिवर की बीमारी और ट्रांसप्लांट। ब्रेन की सर्जरी। घुटना-कूल्हा रिप्लेसमेंट। मोतियाबिंद का ऑपरेशन। गर्भावस्था और डिलीवरी। नवजात शिशु की देखभाल। और भी बहुत सारी बीमारियां जो 1350 से ज्यादा हैं।
कौन से अस्पताल में इलाज मिलेगा
आयुष्मान योजना के तहत देशभर में 27000 से ज्यादा अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के अस्पताल शामिल हैं। बड़े शहरों में तो प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पताल भी इस योजना में शामिल हैं। छोटे शहरों और कस्बों में भी अस्पताल उपलब्ध हैं। अपने नजदीकी आयुष्मान अस्पताल की लिस्ट देखने के लिए pmjay.gov.in पर जाएं और Find Hospital का ऑप्शन चुनें। अपना राज्य, जिला, शहर डालकर पूरी लिस्ट देख सकते हैं।
अस्पताल में एडमिशन कैसे होगा
जब आपको या परिवार के किसी सदस्य को इलाज की जरूरत हो तो सबसे पहले आयुष्मान पैनल वाले अस्पताल में जाएं। वहां आयुष्मान मित्र या हेल्प डेस्क मिलेगा। अपना आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड दिखाएं। वे आपकी पहचान वेरीफाई करेंगे और बायोमेट्रिक से कन्फर्म करेंगे। फिर आपको डॉक्टर के पास ले जाया जाएगा। डॉक्टर जांच करके अगर जरूरी लगे तो एडमिशन कर देंगे। पूरा इलाज बिना एक रुपये दिए होगा। डिस्चार्ज के समय भी कोई बिल नहीं देना है।
परिवार के सभी सदस्य कवर होते हैं
आयुष्मान कार्ड में परिवार के सभी सदस्यों के नाम होते हैं। माता-पिता, पति-पत्नी, बच्चे सभी। कोई उम्र की सीमा नहीं है। बुजुर्ग माता-पिता भी कवर होते हैं और छोटे बच्चे भी। एक ही कार्ड से पूरा परिवार फायदा उठा सकता है। अलग-अलग सदस्यों को अलग-अलग कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं। एक कार्ड में सबके नाम दर्ज होते हैं। कोई भी सदस्य कभी भी इलाज करवा सकता है।
कार्ड खो जाने पर क्या करें
अगर आपका आयुष्मान कार्ड खो गया या फट गया तो परेशान होने की जरूरत नहीं। आप दोबारा कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। pmjay.gov.in पर जाएं और Download Card का ऑप्शन चुनें। अपना आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर OTP से वेरीफाई करें। फिर अपना कार्ड डाउनलोड करके प्रिंट कर लें। या नजदीकी जन सेवा केंद्र जाकर 20-30 रुपये देकर नया कार्ड प्रिंट करवा लें। कार्ड की सारी जानकारी सिस्टम में सेव रहती है इसलिए कोई परेशानी नहीं होती।
ऑनलाइन बैलेंस कैसे चेक करें
आयुष्मान कार्ड में 5 लाख रुपये का कवर होता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि कितना बैलेंस बचा है तो यह भी चेक कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल करें और अपना कार्ड नंबर बताएं। वे आपको बता देंगे कि कितनी रकम का इलाज हो चुका है और कितना बैलेंस बाकी है। कुछ राज्यों में मोबाइल ऐप में भी यह सुविधा है। याद रखें कि यह बैलेंस हर साल रीसेट हो जाता है यानी अगले साल फिर से 5 लाख रुपये का कवर मिलता है।
इमरजेंसी में क्या करें
अगर एक्सीडेंट या अचानक गंभीर बीमारी हो गई और पास में कोई आयुष्मान पैनल अस्पताल नहीं है तो पहले किसी भी अस्पताल में एडमिट हो जाएं। जान बचाना सबसे जरूरी है। स्थिति स्थिर होने के बाद जल्द से जल्द आयुष्मान पैनल अस्पताल में ट्रांसफर करवाएं। या फिर 14555 पर कॉल करके गाइडेंस लें। कुछ मामलों में इमरजेंसी ट्रीटमेंट का खर्च भी रीइंबर्स हो सकता है। इसके लिए सारे बिल और पेपर्स सेव करके रखें।
आयुष्मान मित्र से मदद लें
हर आयुष्मान पैनल अस्पताल में आयुष्मान मित्र होते हैं जो मरीजों की मदद करते हैं। वे कार्ड वेरीफिकेशन से लेकर एडमिशन तक सब कुछ में मदद करते हैं। अगर कोई परेशानी हो तो उनसे बात करें। वे हिंदी समेत कई भाषाएं जानते हैं। उनका काम ही है मरीजों को सुविधा देना। किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए वे तैयार रहते हैं। अस्पताल में कोई परेशानी हो तो उनसे शिकायत भी कर सकते हैं।
प्रीमियम या रिन्यूअल की जरूरत नहीं
आयुष्मान योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता। बिल्कुल मुफ्त है। न कोई रजिस्ट्रेशन फीस न कोई सालाना चार्ज। एक बार कार्ड बन गया तो वह लाइफटाइम वैलिड है। कोई रिन्यूअल भी नहीं करवाना पड़ता। बस हां, हर साल 5 लाख रुपये का नया कवर मिल जाता है। पिछले साल का बैलेंस कैरी फॉरवर्ड नहीं होता लेकिन हर साल फ्रेश 5 लाख रुपये मिलते हैं।
प्राइवेट इंश्योरेंस से बेहतर
बाजार में जो प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस मिलते हैं उनमें 5 लाख रुपये के कवर के लिए साल भर में 15000 से 20000 रुपये प्रीमियम देना पड़ता है। उसमें भी बहुत सारी बीमारियां कवर नहीं होतीं, वेटिंग पीरियड होता है, क्लेम सेटलमेंट में परेशानी होती है। लेकिन आयुष्मान योजना में यह सब नहीं है। बिल्कुल फ्री, कोई वेटिंग पीरियड नहीं, कैशलेस इलाज, कोई क्लेम प्रोसेस नहीं। यह सच में गरीबों के लिए वरदान है।
सरकारी अस्पताल में भी मान्य
आयुष्मान कार्ड सिर्फ प्राइवेट अस्पतालों में ही नहीं बल्कि सरकारी अस्पतालों में भी चलता है। हालांकि सरकारी अस्पतालों में पहले से ही इलाज सस्ता या मुफ्त होता है लेकिन आयुष्मान कार्ड से आपको बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं। तेजी से इलाज हो सकता है और कुछ खास सर्जरी या ट्रीटमेंट जो सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं वो भी कवर हो जाते हैं। तो आपके पास दोनों विकल्प रहते हैं।
अलग राज्य में भी इलाज संभव
आयुष्मान कार्ड की एक और बड़ी खासियत है कि यह पूरे देश में मान्य है। अगर आप दूसरे राज्य में नौकरी करते हैं या रहते हैं तो वहां भी आयुष्मान कार्ड से इलाज करवा सकते हैं। किसी ट्रांसफर या पोर्टेबिलिटी की जरूरत नहीं। एक बार कार्ड बन गया तो देश के किसी भी कोने में किसी भी आयुष्मान पैनल अस्पताल में इलाज हो सकता है। यह सुविधा माइग्रेंट वर्कर्स के लिए बहुत फायदेमंद है।
फेक कॉल और फ्रॉड से बचें
आजकल कई फ्रॉड लोग आयुष्मान कार्ड के नाम पर फोन करते हैं और पैसे मांगते हैं। कोई कहता है कि कार्ड एक्टिवेट करने के लिए पैसे दें, कोई कहता है कि अपडेट करना है। यह सब फेक है। आयुष्मान योजना के तहत कभी किसी से फोन पर पैसे नहीं मांगे जाते। न कोई एक्टिवेशन चार्ज है न अपडेट चार्ज। अगर ऐसा कोई फोन आए तो तुरंत काट दें और 14555 पर शिकायत करें। अपनी बैंक डिटेल्स या OTP किसी को न बताएं।
योजना का सही इस्तेमाल करें
आयुष्मान योजना गरीबों के इलाज के लिए बनाई गई है। इसका सही इस्तेमाल करें। जरूरत पड़ने पर बेझिझक इलाज करवाएं। लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल न करें। कुछ लोग फर्जी इलाज दिखाकर अस्पतालों के साथ मिलकर फ्रॉड करते हैं। यह गलत है। इससे योजना पर बोझ पड़ता है और असली जरूरतमंदों को नुकसान होता है। ईमानदारी से इस योजना का इस्तेमाल करें ताकि यह लंबे समय तक चलती रहे।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की पात्रता, प्रक्रिया और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। कुछ राज्यों में अलग-अलग नियम हो सकते हैं। सही और नवीनतम जानकारी के लिए pmjay.gov.in वेबसाइट देखें या 14555 पर कॉल करें। किसी भी चिकित्सा निर्णय से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श लें। यह लेख किसी सरकारी विभाग का आधिकारिक बयान नहीं है। आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता जरूर चेक करें।
