बड़ी खुशखबरी! Old Pension Yojana 2025 में वापसी की तैयारी, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी गारंटीड पेंशन – जानें किन राज्यों में लागू हुई

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सरकारी कर्मचारियों के लिए साल 2025 में सबसे बड़ी खुशखबरी है ओल्ड पेंशन स्कीम की वापसी। लंबे समय से कर्मचारी यूनियनें पुरानी पेंशन योजना की मांग कर रही थीं और अब कई राज्यों ने इसे लागू करने का फैसला ले लिया है। ओल्ड पेंशन में रिटायरमेंट के बाद आखिरी सैलरी का 50 प्रतिशत गारंटीड पेंशन मिलती है जो जीवन भर चलती रहती है। न्यू पेंशन स्कीम यानी NPS में जो अनिश्चितता थी वो ओल्ड पेंशन में नहीं होती। आइए विस्तार से समझते हैं कि ओल्ड पेंशन योजना क्या है, किन राज्यों में लागू हो रही है, किन कर्मचारियों को फायदा मिलेगा और इसके क्या नियम हैं।

ओल्ड पेंशन योजना क्या है

ओल्ड पेंशन स्कीम यानी OPS में सरकारी कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद आखिरी सैलरी और महंगाई भत्ते को मिलाकर उसका 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलता है। यह पेंशन जीवन भर चलती रहती है और कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी या पति को पारिवारिक पेंशन के रूप में आधी रकम मिलती रहती है। इस योजना में कर्मचारी को अपनी सैलरी से कोई कटौती नहीं करनी पड़ती थी। पूरा खर्च सरकार उठाती थी। साथ ही हर साल महंगाई के हिसाब से पेंशन में बढ़ोतरी भी होती रहती है। यह एक गारंटीड और सुरक्षित पेंशन व्यवस्था है।

न्यू पेंशन स्कीम क्यों लाई गई थी

2004 में NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम लागू किया गया था। इसमें कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 10 प्रतिशत कटता है और सरकार 14 प्रतिशत योगदान देती है। यह पैसा शेयर बाजार में निवेश होता है। रिटायरमेंट के समय जो भी फंड जमा होता है उसका 60 प्रतिशत निकाल सकते हैं और 40 प्रतिशत से annuity खरीदनी पड़ती है। यानी कितनी पेंशन मिलेगी यह बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। कोई गारंटी नहीं होती। सरकार ने यह व्यवस्था इसलिए बनाई थी ताकि पेंशन का खर्च कम हो जाए। लेकिन कर्मचारियों को यह सुरक्षित नहीं लगी।

कर्मचारी यूनियनों की लंबी लड़ाई

जब से NPS लागू हुई तब से कर्मचारी यूनियनें ओल्ड पेंशन की मांग करती आ रही हैं। हजारों धरने-प्रदर्शन हुए, हड़तालें हुईं, आंदोलन चले। कर्मचारियों का कहना था कि नौकरी के 30-35 साल देने के बाद रिटायरमेंट में अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए। उन्हें गारंटीड पेंशन चाहिए ताकि बुढ़ापे में परेशानी न हो। कई राज्यों में यह चुनाव का बड़ा मुद्दा भी बना। आखिरकार कुछ राज्यों ने कर्मचारियों की मांग मान ली और ओल्ड पेंशन लागू करने का फैसला लिया।

किन राज्यों में लागू हो चुकी है

राजस्थान पहला राज्य था जिसने 2022 में ओल्ड पेंशन बहाल करने का ऐलान किया। उसके बाद छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश ने भी ओल्ड पेंशन लागू कर दी। 2025 में कुछ और राज्य भी इसे लागू करने की तैयारी में हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में कर्मचारी यूनियनों ने जोरदार मांग की है। कुछ राज्यों ने तो संशोधित पेंशन योजना भी बनाई है जो OPS और NPS के बीच की व्यवस्था है। हर राज्य अपने हिसाब से निर्णय ले रहा है।

केंद्र सरकार का क्या रुख है

केंद्र सरकार के कर्मचारी भी ओल्ड पेंशन की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने इसे लागू करने से मना किया है। केंद्र सरकार का कहना है कि OPS से सरकार पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा। हालांकि सरकार ने UPS यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम का प्रस्ताव रखा है जो NPS से बेहतर है लेकिन OPS जितनी नहीं। UPS में 50 प्रतिशत तक पेंशन की गारंटी है लेकिन कर्मचारी का योगदान भी देना पड़ता है। केंद्रीय कर्मचारी यूनियनें UPS को भी नामंजूर कर रही हैं और पूरी तरह से OPS की मांग कर रही हैं।

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

जिन राज्यों में ओल्ड पेंशन लागू हो गई है वहां 2004 के बाद नियुक्त हुए सभी कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। यानी जो कर्मचारी अभी NPS के तहत काम कर रहे हैं उन्हें OPS में शिफ्ट किया जाएगा। उनका NPS में जमा हुआ पैसा वापस कर दिया जाएगा। 2004 से पहले के कर्मचारी तो पहले से ही OPS में हैं। नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों को भी OPS का फायदा मिलेगा। यानी सभी राज्य सरकार के कर्मचारी, शिक्षक, पुलिस, स्वास्थ्य कर्मी सबको ओल्ड पेंशन मिलेगी।

पेंशन की गणना कैसे होती है

ओल्ड पेंशन में रिटायरमेंट के समय जो आखिरी बेसिक सैलरी और DA होता है उसका 50 प्रतिशत पेंशन बनती है। मान लीजिए किसी कर्मचारी की रिटायरमेंट के समय बेसिक सैलरी 50000 रुपये है और DA 25000 रुपये है तो कुल 75000 रुपये। इसका 50 प्रतिशत यानी 37500 रुपये महीने की पेंशन मिलेगी। अगर कर्मचारी ने 33 साल से कम सेवा की है तो थोड़ी कम पेंशन मिल सकती है। लेकिन ज्यादातर कर्मचारी 30-35 साल तक नौकरी करते हैं तो उन्हें पूरे 50 प्रतिशत की पेंशन मिलती है।

महंगाई भत्ता भी मिलता रहता है

ओल्ड पेंशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हर छह महीने में जब सरकारी कर्मचारियों का DA बढ़ता है तो पेंशनभोगियों का DR यानी Dearness Relief भी उतना ही बढ़ता है। यानी आपकी पेंशन महंगाई के हिसाब से बढ़ती रहती है। जीवन भर क्रय शक्ति बनी रहती है। अगर आज 37500 रुपये पेंशन है तो 10 साल बाद DR बढ़ने के कारण यह 50000 या 60000 भी हो सकती है। यह एक बड़ा फायदा है जो NPS में नहीं मिलता।

पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था

अगर पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी या पति को पारिवारिक पेंशन मिलती है जो मूल पेंशन का 50 प्रतिशत होती है। यानी अगर पेंशन 40000 रुपये थी तो पारिवारिक पेंशन 20000 रुपये मिलेगी। यह जीवन भर चलती रहती है। अगर पत्नी या पति भी नहीं है तो आश्रित बच्चों को 25 साल की उम्र तक पेंशन मिल सकती है। दिव्यांग बच्चों को जीवन भर मिलती है। यानी परिवार की सुरक्षा का पूरा इंतजाम है।

ग्रेच्युटी और GPF अलग से

ओल्ड पेंशन के अलावा रिटायरमेंट के समय कर्मचारी को ग्रेच्युटी भी मिलती है। यह एकमुश्त बड़ी रकम होती है जो सालों की सेवा के आधार पर मिलती है। इसके अलावा GPF यानी जनरल प्रॉविडेंट फंड में जो पैसा जमा होता है वह भी पूरा ब्याज के साथ मिलता है। छुट्टी नकदीकरण भी मिलता है। यानी रिटायरमेंट के समय अच्छी-खासी रकम हाथ में आ जाती है। उसके बाद जीवन भर के लिए गारंटीड पेंशन। बुढ़ापा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

NPS में जमा पैसे का क्या होगा

जो कर्मचारी अभी NPS में हैं और OPS में शिफ्ट होंगे उनका NPS में जमा पैसा क्या होगा यह बड़ा सवाल है। ज्यादातर राज्यों में यह तय किया गया है कि कर्मचारी का जो योगदान था वह ब्याज सहित वापस कर दिया जाएगा। सरकार का जो योगदान था वह सरकारी खाते में चला जाएगा। कुछ राज्यों में कर्मचारी को दोनों का पैसा मिल जाता है। हर राज्य ने अपने नियम बनाए हैं। इस पैसे को कर्मचारी कहीं भी निवेश कर सकता है।

राजकोष पर बोझ का सवाल

ओल्ड पेंशन लागू करने का सबसे बड़ा सवाल है कि राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 20-30 सालों में जब ज्यादा कर्मचारी रिटायर होंगे तो पेंशन का खर्च बहुत बढ़ जाएगा। यह राज्य के बजट का 40-50 प्रतिशत तक हो सकता है। इससे विकास के कामों के लिए पैसा कम पड़ेगा। लेकिन कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता अपने कर्मचारियों की सुरक्षा होनी चाहिए। वे अपनी पूरी जिंदगी सरकार को दे देते हैं तो रिटायरमेंट में सुरक्षा का हक है।

यूनिफाइड पेंशन स्कीम क्या है

केंद्र सरकार ने UPS यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम का प्रस्ताव रखा है। इसमें 25 साल की सेवा के बाद आखिरी सैलरी का 50 प्रतिशत पेंशन की गारंटी है। 10 साल की सेवा के बाद भी न्यूनतम 10000 रुपये पेंशन की गारंटी है। परिवार को पारिवारिक पेंशन 60 प्रतिशत मिलेगी। महंगाई भत्ता भी मिलेगा। लेकिन इसमें कर्मचारी का 10 प्रतिशत योगदान देना पड़ता है। यह OPS और NPS के बीच की व्यवस्था है। कुछ राज्यों ने UPS को अपनाया है लेकिन ज्यादातर कर्मचारी पूरी OPS ही चाहते हैं।

शिक्षकों के लिए खास फायदा

ओल्ड पेंशन से सबसे ज्यादा फायदा शिक्षकों को होगा क्योंकि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा है। NPS में उनकी सैलरी से 10 प्रतिशत कटता था जो अब नहीं कटेगा। रिटायरमेंट के बाद गारंटीड पेंशन मिलेगी। शिक्षक यूनियनों ने लंबे समय तक इसकी मांग की थी। अब जिन राज्यों में OPS लागू हो गई है वहां के शिक्षक बहुत खुश हैं। उनका मनोबल बढ़ा है और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी अच्छा असर पड़ेगा।

पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों को राहत

पुलिस और स्वास्थ्य कर्मचारी जो जान जोखिम में डालकर काम करते हैं उनके लिए भी OPS बड़ी राहत है। उन्हें लगता था कि NPS में अनिश्चितता है और अगर बाजार गिर गया तो रिटायरमेंट खराब हो जाएगा। अब OPS से उन्हें भरोसा मिला है। पुलिस कर्मी जो कभी भी ड्यूटी में शहीद हो सकते हैं उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन की गारंटी मिलती है। यह उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। स्वास्थ्य कर्मी जो महामारी में भी काम करते हैं उनके लिए भी यह बड़ा सहारा है।

क्या प्राइवेट सेक्टर में भी लागू होगी

ओल्ड पेंशन केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए है। प्राइवेट सेक्टर में NPS वैकल्पिक है और ज्यादातर कंपनियां EPF यानी एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड देती हैं। प्राइवेट सेक्टर में OPS जैसी कोई व्यवस्था नहीं है और न ही आने वाली है। कुछ बड़ी पुरानी कंपनियों में पेंशन स्कीम थी लेकिन अब नई भर्तियों में वो भी बंद हो गई है। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग खुद करनी पड़ती है। सरकारी नौकरी में OPS होना एक बड़ा फायदा है।

2025 में और कौन से राज्य लागू करेंगे

2025 में कई और राज्यों में चुनाव हैं और OPS एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है। दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, केरल जैसे राज्यों में कर्मचारी यूनियनें जोर-शोर से मांग कर रही हैं। कुछ राजनीतिक दल चुनाव घोषणापत्र में OPS का वादा कर रहे हैं। अगले 1-2 सालों में 5-6 और राज्यों में OPS लागू हो सकती है। धीरे-धीरे पूरे देश में यह मांग बढ़ रही है। केंद्र सरकार पर भी दबाव बन रहा है कि वो भी OPS लागू करे।

कैसे पता करें आपको मिलेगी या नहीं

अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं तो सबसे पहले अपना राज्य चेक करें कि वहां OPS लागू हुई है या नहीं। अपने विभाग के नोटिस बोर्ड या वेबसाइट पर देखें। कर्मचारी यूनियन से संपर्क करें। आपके वेतन विभाग में पूछें। अगर आपकी भर्ती 2004 के बाद हुई है और अभी NPS में हैं तो OPS लागू होने पर आपको अपने आप शिफ्ट कर दिया जाएगा। अलग से आवेदन की जरूरत नहीं पड़ती। सरकार खुद सबको ट्रांसफर करती है।

युवाओं के लिए सरकारी नौकरी आकर्षक

ओल्ड पेंशन की वापसी से युवाओं में सरकारी नौकरी की आकर्षकता फिर से बढ़ गई है। पहले NPS के कारण बहुत से युवा सोचते थे कि सरकारी नौकरी में रिटायरमेंट सिक्योरिटी नहीं है तो क्यों करें। अब OPS से उन्हें भरोसा मिल रहा है। सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा और बढ़ने वाली है। SSC, UPSC, राज्य PSC सभी परीक्षाओं में उम्मीदवारों की संख्या बढ़ेगी। युवाओं को लग रहा है कि सरकारी नौकरी सबसे सुरक्षित करियर ऑप्शन है।

विशेषज्ञों की राय क्या है

अर्थशास्त्रियों और वित्तीय विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ कहते हैं कि OPS टिकाऊ नहीं है और भविष्य में राज्यों को भारी परेशानी होगी। पेंशन का बोझ इतना बढ़ जाएगा कि विकास के काम रुक जाएंगे। कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर सही तरीके से प्लानिंग की जाए तो OPS मैनेज की जा सकती है। कर्मचारियों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। बहस जारी है लेकिन कर्मचारियों के लिए OPS सबसे अच्छा ऑप्शन है यह तय है।

UPS और OPS में क्या अंतर है

UPS में 50 प्रतिशत पेंशन की गारंटी है लेकिन कर्मचारी का 10 प्रतिशत योगदान देना पड़ता है। OPS में कोई योगदान नहीं देना पड़ता। UPS में 10 साल की सेवा के बाद न्यूनतम पेंशन की गारंटी है। OPS में 20 साल की सेवा जरूरी है। UPS में पारिवारिक पेंशन 60 प्रतिशत है जबकि OPS में 50 प्रतिशत। UPS में लंपसम निकालने का ऑप्शन है। OPS में सब कुछ पेंशन के रूप में आता है। कुल मिलाकर OPS ज्यादा फायदेमंद है लेकिन UPS भी NPS से काफी बेहतर है।

सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से बचें

OPS को लेकर सोशल मीडिया पर बहुत सारी गलत जानकारियां फैल रही हैं। कोई कहता है सभी राज्यों में लागू हो गई, कोई कहता है केंद्र सरकार ने भी लागू कर दी। यह सब गलत है। केवल कुछ राज्यों में ही OPS लागू हुई है। केंद्र सरकार ने अभी तक नहीं लागू की है। अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट या वित्त विभाग के आदेश को ही सही मानें। व्हाट्सएप पर वायरल मैसेज पर विश्वास न करें। अपने विभाग के अधिकारियों से ही सही जानकारी लें।

Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और वर्तमान स्थिति के आधार पर लिखा गया है। ओल्ड पेंशन योजना अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नियमों के साथ लागू है। केंद्र सरकार ने अभी तक OPS लागू नहीं की है। पेंशन से जुड़े नियम, पात्रता और गणना राज्य-दर-राज्य अलग हो सकती है। सही और आधिकारिक जानकारी के लिए अपने राज्य के वित्त विभाग, वेतन विभाग या कर्मचारी यूनियन से संपर्क करें। यह लेख किसी सरकारी विभाग का आधिकारिक बयान नहीं है। किसी भी निर्णय से पहले अपने राज्य के आधिकारिक आदेश को जरूर पढ़ें।

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